Tuesday, 3 May 2016

क्रैक माइंड.

लघुकथा-७
क्रैक माइंड.
रोज देखता हूं कि वो खुद में अजीब है.वो अब आउट आफ सेंस हो चुका है. उसे जो भी छेड़ता है. वो बिना रुके गालियां देता है.उसे मैने कपडो़ के ऊपर कपड़े पहने भी देखा.. समोसे की दुकान के पास वाले मंदिर के चबूतरे मे बारहमास रहता..कुछ लोग उससे मजे लेने के लिये पहले उसे चिढाते है... फिर उसके मुंह से गालियां सुनकर ठहाके लगाते हैं. समोसे वाला उसे समोसा दे दिया करता है. मै सोचता हूं कि किसका माइंड़ क्रैक हो चुका है....समोसा खाने के बाद वो भी सभी को क्रैक माइंड़ कहके ठहाका लगाता है.. और चबूतरे मे बैठकर.. आरती गाने लगता है.

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