खाप..
बेबस कुंवारी महुआ बार बार गिड़गिडा रही थी "कक्का यह बच्चा ठाकुर सा का है. उनको हमें अपनाना चाहिये." परन्तु गांव वाले ठाकुर सा के डर से चुप्पी साधे थे..पूरे माहौल को भांपते हुये खाप के मुखिया ने मूंछो मे ताव देकर अपना फैसला सुना ही दिया "हमने यह फैसला किया है कि तू या तो ठाकुर सा की हवेली में रखैल बन कर रह..वो तेरा ख्याल रखेंगे... नहीं तो अपने बाप के साथ.. ५००० सोने की मुंहरे लेकर दूसरे गांव हो लें"
खाप खत्म हुई.... महुआ की जिंदगी भी खाप बन कर रह गई.
अनिल अयान .सतना.म.प्र.
बेबस कुंवारी महुआ बार बार गिड़गिडा रही थी "कक्का यह बच्चा ठाकुर सा का है. उनको हमें अपनाना चाहिये." परन्तु गांव वाले ठाकुर सा के डर से चुप्पी साधे थे..पूरे माहौल को भांपते हुये खाप के मुखिया ने मूंछो मे ताव देकर अपना फैसला सुना ही दिया "हमने यह फैसला किया है कि तू या तो ठाकुर सा की हवेली में रखैल बन कर रह..वो तेरा ख्याल रखेंगे... नहीं तो अपने बाप के साथ.. ५००० सोने की मुंहरे लेकर दूसरे गांव हो लें"
खाप खत्म हुई.... महुआ की जिंदगी भी खाप बन कर रह गई.
अनिल अयान .सतना.म.प्र.
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