Saturday, 22 April 2017

पिटा हुआ प्यादा

"पिटा हुआ प्यादा"
मैम एनुअल इग्जाम में10 बच्चे फेल हो गए है।
इनमें से हास्टलर्स कितने हैं - प्रिंसिपल ने तपाक से प्रश्न किया।
मैम। सब हास्टलर्स ही हैं।
सर आपने कैसे चेकिंग किया है? साल भर क्या पढाया है? वो तो मै जानती हूं कि आप अच्छे टीचर हैं। पर स्कूल मैनेजमेंट को हंड्रेड पर्सेंट रिजल्ट चाहिए। आप देख लीजिए कैसे सब को पास करना है। क्योंकि आप सब जानते हैं कि रिजल्ट से ही इंक्रीमेंट होता भी है और रुकता भी है। - प्रिंसिपल ने गरम मिजाज से मुझे निर्देश दिया।
इस जाने माने स्कूल के शिक्षक को सब समझ गया कि वो ईमानदार पिटा हुआ प्यादा ही तो है।
अनिल अयान।

Friday, 7 April 2017

मुखर मौन

आज वो क्ई दिनों के बाद परीक्षा देने आई थी। उसके आने से हलचल स्कूल मे बढ़ गई थी। जैसे सब अनायास ही बदल गया हो। उसके लिए अलग कमरे की व्यवस्था की गई थी जिसमें बाहर से कांच लगा हुआ था। जो बच्चे उसके बारे में सुने ही बस थे वो एक झलक पाने की कोशिश करने लगे।  कांच के बाहर से टीचर्स भी उसके अनजानेपन को पहचान मे बदलने का अप्रत्याशित प्रयास कर रहे थे। कुछ ही देर मे हर उस व्यक्ति ने उस बच्ची के मासूम चेहरे को देख लिया जिसने उसके बारे में यदा कदा कुछ ऐसा सुना था जो समाजिक परंपरा के खिलाफ था। वो पाने ही स्कूल मे अपने प्रति यह व्यवहार देख कर दुखी थी। अपने कचोटते अंतर्मन से पूरी परीक्षा के दौरान यहीं सवाल करती रही कि अगर कोई लडका उसे एक रात के लिए घर से भगा ले गया। आसपास के लोग नजरों से उस पर इतनी अंगुलियां क्यों उठा रहे है। क्या सारा दोष उसी का है। परीक्षा के तीन घंटे तो खत्म हुए पर इस प्रश्न का उत्तर अभी अधूरा था। 
अनिल अयान सतना

Wednesday, 15 March 2017

योग्यता की परख

योग्यता की परख
पूरा सभागार खचाखच भरा हुआ था। सामने स्टेज मे उद्घोषक नंबर की घोषणा कर रहे थे। भीड़ बता रही थी कि अभिभावकों की रुचि इस सुप्रतिष्ठित विद्यालय मे ज्यादा ही थी। उद्घोषक ने पूर्व की सीटों की भांति अंतिम सीट के लिए रोल नंबर की घोषणा की। इस सीट के लिए पांच विद्यार्थियों ने एक जैसे नंबर प्राप्त किए थे। पूरा सभागार घोषणा के साथ ही शांत हो गया। योग्यता की परख पूरी हो चुकी थी। 
अनिल अयान सतना