चित्र आधारित लघुकथा।
क्रैडिट
उफ ये थोड़ा सा वेतन और असीमित आवश्यकताएं, कैसे पूरी करोगे तुम? पत्नी ने चाय का कप शिक्षक पति को थमाते हुए कहा।
कुछ ट्यूशन, कुछ बचत, नहीं तो फिर सैलेरी के एकाउंट से क्रैडिट कार्ड तो है ही। मेरे सभी साथी यही तो करते है।? पति ने पत्नी को संतुष्ट करने की कोशिश की।
"पर अगर तुम लिमिट क्राॅस किये तो पेनाल्टी भरने को तैयार रहना, परिवार मे अचानक के खर्चे भी तो आते हैं बिन बुलाए मेहमान की तरह। जितने की सुविधा नहीं उतने की आफत भोगो। क्रैडिट खराब होगी वो अलग। " पत्नी ने चिंता जाहिर की।
" तुम घर सम्हालो बाकी मै सब सम्हाल लूंगा। वैसे बैंक मे खुद की क्रैडिट गहन रखकर ही क्रैडिट कार्ड की भीख मिलती है।" पति ने चाय का कप रखा और ख्वाबों को क्रैडिट करने चल दिया।
अनिल अयान, सतना
No comments:
Post a Comment